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All around the world, thousands of markets have millions of tents, and an Arabic tent still lists at the top position and astonishing part of Arabic tents.

Taaza Tadka

राहुल गांधी त बड़ा सहकल बाड़े लेकिन गुरु जे छात्रसंघ क शकल नाहीं देखले ऊ ओकर उद्धार?

पढके भाषण देवे वालन के भरोसे कब ले देश चली। इसे निक त गऊऐ रहल जहाँ कम से कम आफत विपत में बिना स्वार्थ के चार लोग खड़ा त हो जाने।

बनारस अइसन शहर हउवा जहाँ एक से बढ़ के एक कलाकार बाड़े। नेतागिरी का त इ सबसे बढ़वार सिद्धपीठ बा । आज से पच्चीस साल पहिले जे इहाँ पढ़े-लिखे खातिर आइल, उ कैसहूँ कई के इहाँ रही के पूरा कोसिस कैलस और भोले बाबा के असीस से यहीं ज रहू गईल।

नोकरी-वोकरी मिल गईल त ठीकै ठीक नहीं त दलाली जिंदाबाद, जब वो हू जुगाड़ न लग पावै त छूट के टाइम पर कुरता पैजामा और फिर गान्धीबबा के टोपी लगा के शुरू नेतागिरी।

लेकिन इ परिस्थिति जन्य नेतागिरी के अलावा इहाँ नेतागिरी क कई थे पाठशाला भी बा।

सबसे बढ़वार पाठशाला रहल बी एच यू जहाँ से छात्र नेतवन सब बड़े आगे जात रहलन, आजकल उहो बंद बा।

राहुल गांधी त बड़ा सहकल बाड़े लेकिन गुरु जे छात्रसंघ क शकल नाहीं देखले ऊ ओकर का उद्धार करी। पढके भाषण देवे वालन के भरोसे कब ले देश चली। इसे निक त गऊऐ रहल जहाँ कम से कम आफत विपत में बिना स्वार्थ के चार लोग खड़ा त हो जाने।

इहाँ त साला लाशो ढोए खातिर केहू जल्दी फोन कैले पर भी न आवल चाहत ……………

चला चलल जाय फिर से वोहीं।

जय ग्राम्यजीवन

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