कई दिनों से ये बात मीडिया में प्रसारित हो रही हैं की उत्तर प्रदेश में चल रहे पारिवारिक घमासान का भरपूर फायदा अखिलेश यादव को मिलेगा और शायद जिस तरीके से समाजवादी पार्टी के ज्यादातर नेता अखिलेश यादव को अपना नया नेता चुनने के लिए उत्त्सुक हैं, ऐसा लगता हैं की समाजवादी पार्टी की बागडोर अभी अखिलेश यादव के हाथ ही होगी |
हालांकि हर तरफ अखिलेश यादव के किये गए कामों की सराहना हो रही हैं और लोग भी उनसे जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, ये स्पष्ट रूप से कह पाना की अलगी बार के इलेक्शन में जीत किस पार्टी की होगी ये बड़ी टेढ़ी खीर लगती हैं |
अभी हाल ही में हुए एक विशेष न्यूज़ चैनल (आज तक) के किये गए सर्वेस और ओपिनियन पोल्स कुछ और ही दावा करते हैं | उनके सर्वे की हिसाब से उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनना एकदम तय हैं क्योकि अखिलेश और मायावती उनके बहुमत के आंकड़ों से काफी दूर हैं | कितने मजे की बात हैं की एक जगह जहा एक न्यूज़ चैनल अखिलेश को जीतता बता रही हैं वही दूसरी और एक न्यूज़ चैनल बीजेपी को बहुमत दिला रही हैं |
एक अन्य विशेष न्यूज़ चैनल (एबीपी न्यूज़) के द्वारा प्रसारित ओपिनियन पोल अखिलेश यादव को प्रदेश के अगले सीएम बनाने की होड़ में सबसे लोकप्रिय चेहरे के रूप में बताते हैं | उनके ओपिनियन पोल ने तो यहाँ तक बता दिया की लोग अखिलेश की कामों को मोदी के किये कामों से बेहतर समझते हैं | इतना जानकार अखिलेश के समर्थक जरूर खुश होंगे और बीजेपी के समर्थक नाराज, पर कहानी यही ख़त्म हो तब ना |
इन सब बातों से एक बात तो साफ़ है की ऐसा लगता हैं की ये सारे ओपिनियन पोल्स बस जनता के साथ इमोशन्स के साथ खेल कर राजनैतिक मोहोल बनाने में लगे है और जनता इस बात से बेखबर अक्सर जीतते हुए को जिताने में लग जाती हैं |अगर ऐसा ही रहा तो इस बार का उत्तर प्रदेश इलेक्शन बहोत ही खास होगा जब लोग न्यूज़ चैनल्स के बिना मतलब के ओपिनियन पोल्स को देखकर अपनी ओपिनियन बनाने लगेंगे. बेहतर यही होगा की सुने सबकी पर करें अपने मन की |
हम जनता कोई आम जनता नहीं हैं और इस बार हमे अपनी ताकत को पोलॅरिज़ेशन की इस घिनोनी राजनीती से बाहर रहकर समझना होगा ताकि हम अपने तरीके से सही और गलत का हिसाब लगाकर अपने पसंद को विजयी बनावें |